भोपाल के भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान में 21 दिन की शीतकालीन पाठशाला 16 मार्च 2026 को पूरी हुई। इसमें शोधकर्ताओं और पेशेवरों ने नई पीढ़ी के सूक्ष्मजीवी उत्पादों पर अध्ययन किया।
प्रशिक्षण में मिट्टी में कार्बन संचित करने, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने और बदलती जलवायु के अनुकूल खेती के लिए इन तकनीकों की भूमिका रखी गई।
जाँच के आधार पर पोषण
समापन में ए. सुब्बा राव ने मिट्टी की जाँच के आधार पर उर्वरक-सलाह अपनाने का सुझाव दिया। निदेशक मनोरंजन मोहंती ने मृदा जैव विविधता और कृषि शोध का प्रशिक्षण मजबूत करने पर जोर दिया।
पाठशाला 24 फरवरी को शुरू हुई थी। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए।
मुख्य बातें
- अवधि: 24 फरवरी–16 मार्च
- विषय: सूक्ष्मजीवी तकनीक
स्रोत और संदर्भ
- भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल · 21-day Winter School concluded on 16 March 2026 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



